हमीरपुर,
युवा संगम के पांचवे चरण में भाग ले रहे तेलंगाना का प्रतिनिधिमंडल एनआईटी हमीरपुर में पहुंचा।18 से 30 वर्षीय इन युवाओं का सत्कार करने के लिए एक स्वागत समारोह आयोजित किया गया, इन युवाओं को एम.ए.एन.यू.यू. हैदराबाद द्वारा शैक्षिक एवं सांस्कृतिक यात्रा कार्यक्रम हेतु चुना गया है।इस प्रतिनिधिमंडल का औपचारिक स्वागत युवा संगम हेतु नोडल अधिकारी डॉ परम सिंह और सहायक नोडल अधिकारी डॉ श्रीराम टी.एस. ने किया।अपनी पांच दिवसीय हिमाचल प्रदेश यात्रा के दौरान ये सभी युवा धर्मशाला, पालमपुर और हमीरपुर के विभिन्न स्थलों का दौरा करेंगे और राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक व प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव प्राप्त करेंगे। एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रो. हीरालाल मुरलीधर सूर्यवंशी तथा रजिस्ट्रार डॉ अर्चना संतोष नानोटी, स्टूडेंट वैल्फेयर डीन डॉ अशोक कुमार, स्टूडेंट ऐक्टिविटी व स्कॉलरशिप डीन डॉ प्रदीप सिंह ने सफल और समृद्धकारी यात्रा के लिए इस प्रतिनिधिमंडल को शुभकामनाएं प्रदान कीं।बहुप्रतीक्षित युवा संगम 5.0 के तहत इस यात्रा कार्यक्रम द्वारा एम.ए.एन.यू.यू., हैदराबाद, तेलंगाना के युवा एकजुट होकर देश की समृद्ध विविधता को सराहेंगे और इसके साथ अपना जुड़ाव कायम करेंगे। पर्यटन, परम्परा, प्रगति, प्रौद्योगिकी और परस्पर सम्पर्क पर केन्द्रित इस कार्यक्रम का ध्येय है एकता, नवोन्मेष और साझी प्रगति को प्रेरित करना।
इस कार्यक्रम में भाग ले रहे युवा प्रसिद्ध स्थलों, सांस्कृतिक स्थानों और औद्योगिक केन्द्रों का दौरा करते हुए भारत की विरासत, आर्थिक विकास और तकनीकी तरक्की के बारे में अपनी समझ में इजाफा करेंगे। इंट्रैक्टिव वर्कशॉप के जरिए पारंपरिक कला, संगीत और खानपान का उत्सव मनाया जाएगा जिससे युवाओं को राष्ट्र की संस्कृति पर गौरव होगा। धर्मशाला, शिमला, पालमपुर और हमीरपुर के सांस्कृतिक दौरे इन युवाओं को हिमाचल प्रदेश की समृद्ध धरोहर, जीवंत परम्पराओं और विशिष्ट सांस्कृतिक रिवाजों से परिचित कराएंगे। इसके अलावा भारतीय खेल प्राधिकरण की सुविधाओं के दौरे से उन्हें सम्पूर्ण विकास के लिए खेलों के महत्व की जानकारी मिलेगी।पीजीसीआईएल के औद्योगिक दौरे तथा एनआईटी हमीरपुर, सीएसआईआर-आईएचबीटी पालमपुर व जीडीसी हमीरपुर के तकनीकी दौरे से वे नवोन्मेष और उद्यमिता के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों से परिचित होंगे। अपने मूल में युवा संगम के पांचवे चरण का प्रयास है परस्पर संवादात्मक आयोजनों, चर्चाओं व सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से समुदायों के मध्य सेतू निर्मित करना जिससे विविध पृष्ठभूमियों से आने वाले सहभागियों में आपसी समझ सुदृढ़ हो सके। इस कार्यक्रम का समापन एक भव्य सार्वजनिक आयोजन के साथ होगा जिसमें उपलब्धियों और साझे अनुभवों का जश्न मनाया जाएगा एम.ए.एन.यू.यू., हैदराबाद, तेलंगाना के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम भारत के प्रयासों को प्रतिबिम्बित करता है जो देश के युवाओं को परिवर्तन एवं एकता के दूत के तौर पर सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे हैं।

Author: Himachal Samvaad







