हमीरपुर की बेटी नैंसी बनी बस चालक,सवारियों से भरी बस दौड़ाई सड़क पर

हमीरपुर
हमीरपुर में निजी बस चालक बनी नैंसी सडकों पर गाडी दौडाती हुई नजर आ रही है । नैंसी ने निजी बस सर्विस आरटीसी की बस में बतौर चालक सेवाएं देना शुरू की है। जैसे ही आज पहले दिन गलोड रूट से बस हमीरपुर बस अडडे पर पहुंची तो चालक नैंसी का बस प्रबंधक विजय ने टोपी व पुष्प देकर स्वागत किया। वहीं इस अवसर पर बस अडडे पर सवारियों को लेकर पहुंची चालक नैंसी ने भी इस तरह की हौंसला आफजाई के लिए खुशी जाहिर की । बता दे कि नैंसी ने गत वर्ष ही एचआरटीसी हमीरपुर में बस चलाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया है और इससे पहले वह कांगडा में एबुंलेस चला रही थी और अब हमीरपुर में आकर निजी बस चलाने वाली पहली हमीरपुर जिला की बस महिला बस चालक बनी है।

चालक नैंसी ने बताया कि छोटी सी गाडी चलाने से सफर शुरू हुआ था और माता पिता ने चालक बनने के लिए सहमति दी और उसके बाद दो माह की एचआरटीसी में प्रशिक्षण लेकर लाईसेंस लिया है। उन्होंने बताया कि आज पहली बार निजी बस में सवारियों को लेने का अच्छा एक्सपीयरिंस रहा है। उन्होंने बताया कि मेरा सपना एचआरटीसी की बस में चालक बनना है जिसे पूरा करेगी। नैंसी ने बताया कि अगर परिवार पूरा सहयोग दे तो लडकियां भीकिसी भी क्षेत्र में कुछ भी कर सकती है। नैंसी ने बताया कि लडकियों को अपनी झिझक छोडनी पडती है और बहुत कुछ सहना पडता है फिर भी हिम्मत नही हारनी चाहिए।

बस चाूलक नैंसी की बस में सवारियों ने भी नैंसी के बस चलाने पर खुशी जाहिर की है और कहा कि इस तरह की लडकियों को आगे आना चाहिए। उन्होंने बताया कि बस में सफर करते हुए बहुत अच्छा लगा है और अच्छी गाडी चलाई है।

बस में सफर कर रही महिला निशा और नेहा ने बताया कि बहुत गर्व महसूस हो रहा है कि लडकी बस चला रही है। उन्होंने कहा कि लडकियों के लिए नैंसी बहुत ही प्रेरणास्त्रोत है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर की लडकियां बहुत आगे जा रही है।

नैंसी के भाई ने बताया कि बहुत अच्छा लगा है कि आज मेरी बहन ने बस चलाना शुरू किया है। उन्होंने कहा कि लडकियों को आज आगे आने की जरूरत है और घर से भी नैंसी को सभी का सहयोग मिलता है।

निजी बस आरटीसी के प्रबंधक विजय ने बताया कि नैंसी के बारे में पता चला था और नैंसी को बस चलाने के लिए पूछा था जिस पर नैंसी ने भी सहमति जताई और आज बतौर बस चालक सेवा शुरू की है। उन्होंने कहा कि बेटियों को आगे बढने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि बेटों से बेटियां बहुत आगे जा रही है।