हमीरपुर,
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, हमीरपुर के सम्मेलन कक्ष
में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति बैठक का आयोजन किया गया | बैठक की अध्यक्षता
प्रो.हीरालाल मुरली धर सूर्यवंशी ने की | |
डॉ दीपक शर्मा ,राजभाषा अधिकारी, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर ने बैठक का
सञ्चालन किया | सर्वप्रथम अध्यक्ष महोदय ने उपस्थित सभी सदस्य कार्यालयों के
विभागाध्यक्षों का भी स्वागत किया गया |
श्री सुनील चौहान,सचिव महोदय द्वारा वार्षिक कार्यक्रम पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला गया
जिस में ‘क’ क्षेत्र के लिए हिन्दी प्रगामी प्रयोग के लिए निर्धारित लक्ष्यों पर विस्तारपूर्वक
चर्चा की गई |
सदस्य कार्यालयों से प्राप्त विगत दो तिमाहियों की रिपोर्ट के आधार पर सचिव
द्वारा समीक्षा प्रस्तुत की गई :
अध्यक्ष महोदय द्वारा संबोधन :
अध्यक्ष महोदय, ने अपने संबोधन में कहा कि समस्त सदस्य कार्यालय हिन्दी के प्रचार
व प्रसार हेतु सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहे है जो सराहनीय है हिन्दी हमारी
राज भाषा के साथ राष्ट्रभाषा है ;किसी भी देश की भाषा उसकी संस्कृति की वाहक होती है
अत: जितनी भाषा सशक्त होगी उतनी ही संस्कति व राष्ट्र सशक्त होगा |
उन्होंने कहा कि हिंदी सबसे पुरानी भाषा नहीं है लेकिन इसके विस्तार और महत्व को
देखते हुए हिंदी को सभी ने सहर्ष स्वीकार किया इसलिए हिंदी राजभाषा बनी | अंग्रेजी तो
कुछ जगह ही चलती है परंतु हिंदी से किसी को भी कठिनाई नहीं है क्योंकि हिंदी सबको
जोड़ने वाली भाषा है |
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, हमीरपुर के सम्मेलन कक्ष
में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति बैठक का आयोजन किया गया | बैठक की अध्यक्षता
प्रो.हीरालाल मुरली धर सूर्यवंशी ने की | |
डॉ दीपक शर्मा ,राजभाषा अधिकारी, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर ने बैठक का
सञ्चालन किया | सर्वप्रथम अध्यक्ष महोदय ने उपस्थित सभी सदस्य कार्यालयों के
विभागाध्यक्षों का भी स्वागत किया गया |
श्री सुनील चौहान,सचिव महोदय द्वारा वार्षिक कार्यक्रम पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला गया
जिस में ‘क’ क्षेत्र के लिए हिन्दी प्रगामी प्रयोग के लिए निर्धारित लक्ष्यों पर विस्तारपूर्वक
चर्चा की गई |
सदस्य कार्यालयों से प्राप्त विगत दो तिमाहियों की रिपोर्ट के आधार पर सचिव
द्वारा समीक्षा प्रस्तुत की गई :
अध्यक्ष महोदय द्वारा संबोधन :
अध्यक्ष महोदय, ने अपने संबोधन में कहा कि समस्त सदस्य कार्यालय हिन्दी के प्रचार
व प्रसार हेतु सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहे है जो सराहनीय है हिन्दी हमारी
राज भाषा के साथ राष्ट्रभाषा है ;किसी भी देश की भाषा उसकी संस्कृति की वाहक होती है
अत: जितनी भाषा सशक्त होगी उतनी ही संस्कति व राष्ट्र सशक्त होगा |
उन्होंने कहा कि हिंदी सबसे पुरानी भाषा नहीं है लेकिन इसके विस्तार और महत्व को
देखते हुए हिंदी को सभी ने सहर्ष स्वीकार किया इसलिए हिंदी राजभाषा बनी | अंग्रेजी तो
कुछ जगह ही चलती है परंतु हिंदी से किसी को भी कठिनाई नहीं है क्योंकि हिंदी सबको
जोड़ने वाली भाषा है |
एक राष्ट्र के लिए एक राष्ट्रभाषा का होना जरूरी है भाषा के साथ
भावना जुड़ी होती है हिंदी हमारी अपनी भाषा है ,मातृभाषा है अत इससे हमारी भावना
भी जुड़ी हुई है हिंदी का प्रयोग करने को हम केवल सरकारी कामकाज न समझे बल्कि
अपना दायित्व समझे और जो भी काम हिंदी में हो सकता है उसे जरूर हिंदी में ही करें |
इसके लिए हमारा व्यवहार हमेशा सकारात्मक होना चाहिए |
अंत में डॉ.दीपक शर्मा,राजभाषा अधिकारी, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर ने
अध्यक्ष महोदय एवं उपस्थित समस्त सदस्यों के धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक संपन्न हुई |
भावना जुड़ी होती है हिंदी हमारी अपनी भाषा है ,मातृभाषा है अत इससे हमारी भावना
भी जुड़ी हुई है हिंदी का प्रयोग करने को हम केवल सरकारी कामकाज न समझे बल्कि
अपना दायित्व समझे और जो भी काम हिंदी में हो सकता है उसे जरूर हिंदी में ही करें |
इसके लिए हमारा व्यवहार हमेशा सकारात्मक होना चाहिए |
अंत में डॉ.दीपक शर्मा,राजभाषा अधिकारी, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर ने
अध्यक्ष महोदय एवं उपस्थित समस्त सदस्यों के धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक संपन्न हुई |
Author: Himachal Samvaad








