लोकसभा चुनावों के प्रति बिल्कुल भी गंभीर नहीं दिख रही कांग्रेस,राकेश जम्वाल
हमीरपुर,
भाजपा के प्रमुख प्रवक्ता एवं सुजानपुर चुनाव प्रभारी विधायक राकेश जम्वाल ने हमीरपुर पत्रकार वार्ता में सीएम सुक्खू पर यह निशाना साधा है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव से कोई सबक नहीं लिया है। कांग्रेस लोकसभा चुनावों के प्रति बिल्कुल भी गंभीर नहीं दिख रही। दिल्ली से मनु सिंघवी को लाकर चुनाव लड़वाया और राज्यसभा में हार गए। इस अवसर पर पूर्व विधायक विजय अग्निहोत्री, प्रदेश सचिव उपचुनाव के सह प्रभारी नरेंद्र अत्री, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अंकुश दत्त शर्मा, जिला महामंत्री अजय रिंटू शर्मा तथा जिला मीडिया प्रभारी विकास शर्मा उपस्थित रहे।

विधायक राकेश जम्वाल ने कहा कि कांगड़ा से आनन्द शर्मा को उम्मीदवार बना दिया। केंद्र में कांग्रेस के बहुत बड़े-बड़े ओहदों पर रह चुके आनंद शर्मा केंद्र सरकार में मंत्री तक भी रहे हैं लेकिन हमने देखा है प्रदेश के साथ कोई ज्यादा सरोकार उनका आज तक नहीं रहा। 40 साल पहले शिमला से उन्होंने एक विधानसभा का चुनाव लड़ा था जिसमें वह हार गए थे। ऐसा लग रहा है कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस कहीं पर भी लोकसभा चुनावों को जीतने की दृष्टि से नहीं लड़ रही बल्कि मुख्यमंत्री केवल अपने विरोधियों को ठिकाने लगाने के काम में लगे हुए हैं।
विधायक राकेश जम्वाल ने कहा कि वर्तमान प्रदेश में कांग्रेस सरकार को विधायकों की कितनी सख्त जरूरत हिमाचल प्रदेश में है यह किसी से छुपा नहीं है इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने लोक सभा चुनाव के लिए दो जगह से दो विधायकों को उतार दिया। उन्होंने कहा कि पूरा प्रदेश जानता है कि वर्तमान मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह के परिवार के बीच आपसी संबंध इनका कैसा है। बड़ी जद्दोजहद से राजा वीरभद्र सिंह किस पुत्र विक्रमादित्य सिंह मंत्री बने थे लेकिन मुख्यमंत्री ने उनको मंडी लोकसभा क्षेत्र से चुनाव में उतारा है। यह इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस किस नजरिए से लोकसभा चुनावों को देख रही है। तीन विधानसभाओं में कांग्रेस को प्रत्याशी नहीं मिल रहे हैं। चार जून को जैसे ही परिणाम आएंगे वैसे ही हिमाचल प्रदेश में भी उदल-पुथल होगी और हिमाचल प्रदेश से कांग्रेस की सरकार चली जाएगी।
Author: Himachal Samvaad







