दियोटसिद्ध/हमीरपुर
बाबा बालक नाथ मंदिर में दियोटसिद्ध में बकरा नीलामी की जांच के पहले दिन ही नीलामी करने वाले जूनियर असिस्टेंट मनोज कुमार को निलंबित कर दिया गया है। मंगलवार को उपायुक्त अमरजीत सिंह ने बताया कि कर्मचारी को निलंबित करने के साथ ट्रस्ट की पाठशाला में अटैच किया गया है। मामले में जांच अधिकारी तहसीलदार बड़सर धर्मपाल नेगी ने मंदिर परिसर में पहुंच कर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने करीब तीन घंटे तक मंदिर ट्रस्ट के कार्यालय में रिकार्ड को खंगाला है। जांच में पाया गया है कि बकरों की नीलामी सीसीटीवी कैमरा की निगरानी में हुई है।
उपायुक्त ने बताया कि इस फुटेज को जांच का आधार बनाया जाएगा और सीसीटीवी फुटेज की डीवीआर भी जांच में साक्ष्य के तौर पर शामिल होगी।
उपायुक्त हमीरपुर अमरजीत सिंह ने बताया कि कई सूत्रों ओर कई पक्षों से हमें सूचना मिली कि बाबा बालक नाथ मंदिर में बकरे की नीलामी के लिए जो कमेटी गठित की है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना करके एक कर्मचारी ने बकरे की नीलामी कर बहुत कम पैसे में आगे बेच दिए है। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी बेचने के लिए अधिकृत नहीं था और उस कर्मचारी ने नीलामी की प्रक्रिया को भी पूरा नहीं किया था।उन्होंने कहा कि जिससे लोगों की भावनाओं को भी ठेस पहुंची है कि मंदिर में इस तरह की गतिविधि की जा रही है। उन्होंने कहा कि एसडीएम को इस मामले में जांच करने के निर्देश दिए गए है । उन्होंने कहा कि एसडीएम इसके अध्यक्ष भी है । उन्होंने कहा कि एसडीएम ने प्रारंभिक जांच शरू कर दी है और जांच ने दौरान कर्मचारी को निलंबित भी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई ओर भी अधिकारी व कर्मचारी बी संलिप्त पाया जएगा तो उसके खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाएगी।
Author: Himachal Samvaad








