हमीरपुर/पंजाब
आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि यदि सरकार की प्राथमिकता जनता हो, तो स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधा को भी मजबूत बनाया जा सकता है। 22 जनवरी 2026 को माननीय श्री अरविंद केजरीवाल जी के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार ने “सेहत क्रांति” योजना की शुरुआत कर देश में स्वास्थ्य क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है।
इस योजना के तहत हर परिवार को बिना किसी आय सीमा के प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का पूरी तरह कैशलेस इलाज दिया जा रहा है। लगभग 65 लाख परिवार (3 करोड़ से अधिक लोग) इस योजना के दायरे में हैं। सरकारी और निजी मिलाकर 900 से अधिक अस्पताल, 2,350 से ज्यादा बीमारियां, ICU-CCU, कैंसर, हृदय, किडनी और सर्जरी जैसी सभी बड़ी सुविधाएं इसमें शामिल हैं। इलाज पूरी तरह पेपरलेस और मुफ्त है।
डॉ. सुमित पुन्याल ने कहा कि जब पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार यह कर सकती है, तो हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार क्यों नहीं?
क्या हिमाचल के लोग कम बीमार पड़ते हैं?
या उनका स्वास्थ्य कम ज़रूरी है?
क्या हिमाचल के लोगों का स्वास्थ्य कोई गंभीर मुद्दा नहीं है?
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की सच्चाई यह है कि स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विभागों में भी आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्तियां की जा रही हैं। यह और भी गंभीर सवाल इसलिए बनता है क्योंकि हिमाचल में हिम केयर जैसी स्वास्थ्य सुविधा, जो गरीब व मध्यम वर्ग के लिए राहत थी, उसे भी बंद कर दिया गया है।
आज प्रदेश में लोग जांच के लिए महीनों इंतज़ार कर रहे हैं, पर्ची के पैसे दे रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स व्यवस्था लगातार बढ़ती जा रही है। यह साफ दर्शाता है कि मौजूदा सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य को लेकर कितनी सजग है।
आम आदमी पार्टी का स्पष्ट मानना है कि स्वास्थ्य कोई सुविधा नहीं, बल्कि नागरिकों का मूल अधिकार है। पंजाब मॉडल देश और प्रदेशों के लिए एक उदाहरण है। कांग्रेस सरकार को चाहिए कि वह राजनीतिक बहानों से ऊपर उठकर हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए भी ऐसी ही ठोस और जनहितकारी स्वास्थ्य योजना लागू करे।
Author: Himachal Samvaad








