धनेटा/हमीरपुर
समग्र शिक्षा और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, हमीरपुर के तत्वावधान में चल रही पांच दिवसीय शिक्षक क्षमता निर्माण कार्यशाला के दूसरे दिन विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की गई। कार्यशाला का आयोजन आईएचएम, हमीरपुर में किया जा रहा है, जिसमें 16 पीएम श्री स्कूलों के 61 शिक्षक भाग ले रहे हैं।
दूसरे दिन की शुरुआत प्रतिभागियों द्वारा पहले दिन की पुनरावृत्ति से हुई, जहां शिक्षकों ने पहले दिन सीखी गई महत्वपूर्ण जानकारियों पर चर्चा की।
कार्यशाला के पहले और दूसरे सत्रमें टीचर ट्रेनिंग इंचार्ज पुनीत कुमार ने शिक्षकों को गूगल सूट की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक शिक्षा प्रणाली में तकनीकी उपकरणों का प्रयोग आवश्यक हो गया है। इस दौरान गूगल डॉक्स, गूगल स्लाइड्स, गूगल शीट्स, गूगल लेंस, गूगल फॉर्म और गूगल मीट जैसे महत्वपूर्ण टूल्स के उपयोग और उनकी कार्यप्रणाली पर चर्चा की गई।
पुनीत कुमार ने कहा कि “गूगल सूट के सही इस्तेमाल से शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और रोचक बनाया जा सकता है। शिक्षकों को इन टूल्स की जानकारी होना जरूरी है, ताकि वे छात्रों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली के अनुरूप प्रशिक्षित कर सकें।”
तीसरे सत्र* में स्रोत व्यक्ति परमजीत डोगरा ने पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने शिक्षकों को बाल सुरक्षा, कानूनी प्रावधान और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि बाल संरक्षण अधिनियम का पालन सुनिश्चित करना प्रत्येक शिक्षक की जिम्मेदारी है और इस विषय पर जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।
चौथे सत्र में स्रोत व्यक्ति सुनील कुमार ने कम्युनिटी मोबिलाइजेशन के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि विद्यालय और समुदाय के बीच बेहतर समन्वय से शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावी रूप से बढ़ाया जा सकता है।
पीएम श्री के जिला नोडल अधिकारी श्री सुनील कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है, जिसमें स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल लाइब्रेरी, और डिजिटल लैब्स होगी ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
Author: Himachal Samvaad








