हमीरपुर 16 अक्तूबर।
एपीएमसी के अध्यक्ष अजय शर्मा ने कहा है कि उद्यान विभाग की महत्वाकांक्षी एचपीशिवा परियोजना से प्रदेश के कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक नई क्रांति आएगी। उद्यान विभाग द्वारा वीरवार को डिडवीं में बागवानी फसलों के लिए कोल्ड स्टोरेज सुविधा पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए अजय शर्मा ने कहा कि एचपीशिवा परियोजना से इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर फलों के बागीचे विकसित किए जा रहे हैं और शुरुआती चरण में ही इन बागीचों में अच्छी पैदावार देखने को मिल रही है। इन फसलों के लिए कोल्ड स्टोरेज और प्रसंस्करण की सुविधा का प्रावधान भी एचपीशिवा परियोजना में किया गया है। किसानों-बागवानों को इसका लाभ उठाना चाहिए। इससे उन्हें अपनी उपज के अच्छे दाम मिलंेगे।
अजय शर्मा ने कहा कि इन फसलों के विपणन में एपीएमसी भी बागवानों की हरसंभव मदद करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने कृषि, बागवानी और इनसे संबंधित अन्य क्षेत्रों जैसे-पशुपालन, मत्स्य पालन इत्यादि पर विशेष रूप से फोकस करके ग्रामीण आर्थिकी को नया बल दिया है। प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की को प्रदेश सरकार 40 रुपये, गेहूं 60 रुपये और हल्दी को 90 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद रही है, जिससे किसानों की आय में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हो रही है।
इस अवसर पर उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजेश्वर परमार ने किसानों-बागवानों को कोल्ड स्टोरेज की महत्ता और विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। हिमालयन कोल्ड स्टोरेज के अधिकारी विशाल और एक्सपर्ट कोल्ड स्टोरेज के सचिन शर्मा ने कोल्ड स्टोरेज की आधुनिक तकनीकों से अवगत करवाया। एसएमएस डॉ. जीना बन्याल पाटिल, डॉ. मूना ठाकुर और डॉ. गोपाल चौहान ने भी फसलों की मार्केटिंग और मूल्यवर्द्धन इत्यादि के बारे में बताया तथा किसानों एवं बागवानों की कई शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम के दौरान एचपीशिवा परियोजना के विभिन्न क्लस्टरों के बागवानों ने माल्टा, मौसंबी, अमरूद और अन्य फलों की प्रदर्शनी भी लगाई।
Author: Himachal Samvaad








