हमीरपुर
हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर क्षेत्र से पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मौजूदा सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जब से हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई है, तब से मीडिया की स्वतंत्रता को व्यवस्थित रूप से कुचला जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माने जाने वाले मीडिया पर जिस प्रकार शिकंजा कसा जा रहा है, वह चिंता का विषय है और लोकतंत्र के मूल्यों के लिए खतरा है।
सरकारी आवास किराया वृद्धि:

राजेंद्र राणा ने कहा कि सुक्खू सरकार ने वरिष्ठ पत्रकारों को दिए जाने वाले सरकारी आवासों का किराया एक झटके में ₹1000 से बढ़ाकर ₹5000 कर दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अनेक पत्रकार सीमित संसाधनों में ‘हैंड टू माउथ’ स्थिति में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। यह मीडिया कर्मियों की आर्थिक स्थिति पर सीधा आघात है।
डिजिटल मीडिया को हतोत्साहित करने वाली नीतियाँ:
पूर्व विधायक राणा ने कहा कि हमारे कार्यकाल में डिजिटल मीडिया को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक समय की ज़रूरतों के अनुरूप एक प्रगतिशील डिजिटल मीडिया नीति बनाई गई थी। लेकिन वर्तमान सरकार ने उस नीति में ऐसे प्रावधान जोड़ दिए हैं, जिससे अनेक स्वतंत्र डिजिटल मीडिया संस्थानों को अपने चैनल बंद करने पड़े। इससे स्थानीय पत्रकारों के लिए रोज़गार के अवसर घटे हैं।
एकतरफा प्रोत्साहन और दबाव:
राजेंद्र राणा का कहना है कि आज जो मीडिया संस्थान सरकार की आलोचना करने से बचते हैं या सरकार के पक्ष में खबरें प्रकाशित करते हैं, केवल उन्हीं को प्रोत्साहन मिल रहा है। सरकार मीडिया संस्थानों को अपनी शर्तों पर खबरें चलाने के लिए मजबूर कर रही है, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के सर्वथा विरुद्ध है।इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को विज्ञापन से वंचित करना:राजेंद्र राणा ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को मिलने वाले विज्ञापनों पर रोक लगा दी है, जिससे कई चैनलों ने हिमाचल में अपने ब्यूरो कार्यालय बंद कर दिए हैं। इससे न केवल सूचनाओं का प्रवाह बाधित हुआ है, बल्कि कई पत्रकारों का रोजगार भी प्रभावित हुआ है।नवीन एक्रीडिटेशन पॉलिसी – एक नया षड्यंत्र:पूर्व विधायक राणा ने कहा कि सरकार अब पत्रकारों की मान्यता नीति (एक्रीडिटेशन पॉलिसी) में बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिससे स्वतंत्र पत्रकारों की आवाज़ को दबाने की कोशिश की जा रही है। यह कदम लोकतंत्र की नींव पर सीधा प्रहार है।राजेंद्र राणा ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि सरकार मीडिया को नियंत्रित करने का प्रयास करेगी, तो यह केवल उसकी विफलताओं को छिपाने का संकेत होगा। उन्होंने चेताया कि आने वाले समय में जनता इस अलोकतांत्रिक रवैये का करारा जवाब देगी।
Author: Himachal Samvaad







