हमीरपुर,
बीते माह 16, फरवरी 2024 में, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए एक निर्णय के अनुसार, उन विधार्थियों की आयु में एक बार छ: महीने की छूट प्रदान की जा रही है, जिनकी आयु 31, मार्च 2024 तक साढ़े पांच वर्ष की हो रही है, जिसके चलते ऐसे विद्यार्थी प्रथम कक्षा में सीधे प्रवेश ले सकेंगे।

परंतु वह विद्यार्थी, जिनकी आयु 31, मार्च 2024 तक पांच वर्ष से अधिक किन्तु साढ़े पाँच वर्ष से कम हो रही है, और जो यूकेजी इसी अकादमिक वर्ष में पूरा कर चुके हैं। निश्चित ही सरकार के लिए गए निर्णय के अनुसार, ऐसे विद्यार्थी प्रथम कक्षा में प्रवेश पाने से वंचित रह जाएँगे। इसके विपरीत उन्हें पुन: यूकेजी कक्षा में ही रहना होगा, जो कि न सिर्फ़ विद्यार्थी की मानसिक अवस्था के संतुलन को बुरी तरह से प्रभावित करेगा, बल्कि अभिभावकों पर भारी वित्तीय दबाव भी डालेगा।यूकेजी छात्रों के अभिभावकों ने हिमाचल प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है।

अत: यहां ऐसी स्थिती में विधार्थियों के अभिभावकों ने , हिमाचल प्रदेश सरकार से विनम्र आग्रह करते हुए कहा है कि उनके बच्चों को भी प्रथम कक्षा में प्रवेश का अवसर दिया जाए। जो कि तभी सम्भव है जब हिमाचल प्रदेश सरकार, प्रथम कक्षा की प्रवेश प्रक्रिया में छूट 30 सितंबर 2024 से बढ़ाकर 31, दिसम्बर 2024 तक प्रदान करे। अभिभावकों बिमला कुमारी , सुमन पटियाल , मीना , रमेश, अंकुश शर्मा , कशमीर , निर्मला आदि ने प्रदेश सरकार पर विश्वास जताया है कि हिमाचल प्रदेश सरकार, पूर्व में लिए गए अपने निर्णय पर पुनर्विचार कर, वंचित विधार्थियों के साथ न्याय करके, उनको एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगी।

Author: Himachal Samvaad











