अवैध शराब कारोबार और विमल नेगी केस पर सियासी संग्राम

हमीरपुर,
सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह सरकार न केवल अपने खास मित्रों को लूट की खुली छूट दे रही है, बल्कि अव्यवस्था और भ्रष्टाचार की मिसाल बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अवैध शराब के कारोबार में लिप्त लोगों को संरक्षण दे रही है और मुख्यमंत्री कार्यालय स्वयं पुलिस और प्रशासन पर दबाव बना रहा है कि असली दोषियों को बचाया जाए।

आज पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए राजेंद्र राणा ने सिरमौर जिले के काला अंब में स्थित एक शराब फैक्ट्री पर हाल ही में हुई छापेमारी का हवाला देते हुए कहा कि वहां हजारों लीटर अवैध शराब मिलने के बावजूद फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उल्टे, पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, क्योंकि मुख्यमंत्री कार्यालय से स्पष्ट निर्देश थे कि असली आरोपियों को बचाया जाए। इसी तरह परमाणु में भी एक अवैध शराब फैक्ट्री के संचालन का मामला सामने आने के बाद प्राथमिकी 48 घंटे के बाद दबाव बनाने के बाद दर्ज की गई।

पूर्व विधायक ने राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि इंजीनियर विमल नेगी की रहस्यमयी मौत की सीबीआई जांच को लेकर सरकार क्यों घबरा रही है? उन्होंने कहा कि जब हिमाचल हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी, तो सरकार बेचैन हो गई और शिमला के एसपी संजीव गांधी द्वारा प्रेस कांफ्रेंस में अपने ही वरिष्ठ अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों पर भी चुप्पी साध ली।

राणा ने यह भी पूछा कि एक एसपी द्वारा मीडिया के सामने इस प्रकार के बयान देना सर्विस रूल्स के तहत कैसे जायज ठहराया जा सकता है? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की चुप्पी इस बात का संकेत है कि सरकार जानबूझकर मामले को दबाना चाहती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीबीआई जांच को रोकने के लिए सरकार की शह पर वही पुलिस अधिकारी हाईकोर्ट में अपनी निजी हैसियत से अपील दायर कर रहा है, जिससे साफ हो जाता है कि इस मौत के पीछे बड़े राज छिपे हैं और कई घोटालों की परतें खुलने की आशंका है।

राजेंद्र राणा ने कहा कि यदि सरकार निष्पक्ष होती, तो वह जांच से घबराती नहीं, बल्कि स्वागत करती। उन्होंने कहा कि सरकार का यह रवैया उसे कटघरे में खड़ा करता है और जनता को यह जानने का अधिकार है कि सच्चाई क्या है।

बड़सर में सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर के साक्षात्कार 24 को हमीरपुर 17 अक्तूबर। एसआईएस इंडिया लिमिटेड आरटीए, हमीरपुर द्वारा सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर के 70 पदों पर भर्ती के लिए 24 अक्तूबर को सुबह 10 बजे से दोपहर बाद 2 बजे तक उप रोजगार कार्यालय बड़सर में साक्षात्कार लिए जाएंगे। जिला रोजगार अधिकारी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि इन पदों के लिए 19 वर्ष से 40 वर्ष तक के पुरुष उम्मीदवार भर्ती किए जाएंगे। दसवीं फेल या दसवीं पास अथवा इससे अधिक शैक्षणिक योग्यता वाले उम्मीदवार, जिनकी लंबाई कम से कम 168 सेंटीमीटर और वजन 56 से 95 किलोग्राम के बीच हो, इन पदों के लिए पात्र हैं। चयनित उम्मीदवारों को मौके पर ही ऑफर लैटर प्रदान किए जाएंगे तथा प्रतिदिन 8 से 12 घंटे तक ड्यूटी करने पर उन्हें 18,500 रुपये से लेकर 24 हजार रुपये तक मासिक वेतन दिया जाएगा। इन्हें हिमाचल प्रदेश या चंडीगढ़ में नियुक्त किया जाएगा। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि अगर कोई युवा उपरोक्त योग्यता रखता है और उसका नाम किसी भी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत है तो वह अपने मूल प्रमाण पत्रों तथा हिमाचली प्रमाण पत्र के साथ साक्षात्कार में भाग ले सकता है। भर्ती के संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय के दूरभाष नंबर 01972-222318 पर भी संपर्क किया जा सकता है।