शिमला,
राज्य सरकार को अस्थिर किए जाने के प्रयास होने के बाद कांग्रेस के छह बागी और तीन निर्दलीय विधायकों को चंडीगढ़ और उत्तराखंड के होटलों में ठहराने के मामले में शनिवार पूर्व निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा बालूगंज थाना में हाजिर हुए। गौरतलब है कि कांग्रेस के विधायक संजय अवस्थी और भुवनेश्वर गौड़ की शिकायत पर बालूगंज थाना में बीते 10 मार्च को FIR करवाई थी। इस केस में पुलिस जांच में जुटी हुई है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
वायस ओवर- हिमाचल सरकार को अस्थिर किए जाने के षडयंत्र मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रचार सलाहकार रहे तरुण भंडारी और उत्तराखंड भाजपा के एक बड़े नेता को शिमला पुलिस ने तलब किया था। इस बीच खट्टर के प्रचार सलाहाकार तरुण भंडारी ने हिमाचल हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली थी। हमीरपुर के पूर्व विधायक आशीष शर्मा और चैतन्य शर्मा के रिटायर IAS पिता राकेश शर्मा, साथ ही इनके दो सहयोगियों को भी शिमला पुलिस ने थाने बुलाया था। हिमाचल में राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग होने के बाद कांग्रेस के छह बागी और तीन निर्दलीय विधायकों को चंडीगढ़ और उत्तराखंड के होटलों में ठहराने के फंडिंग मामले में शनिवार को पूर्व निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा बालूगंज थाना में हाजिर हुए। थाने में उनसे करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई। मीडिया से बातचीत में आशीष ने कहा कि सीएम के सगे भाई सबसे बड़े खनन माफिया है। हालांकि उन्होने खुद को भी खनन मामलो मे संलिप्त होना कबूल किया। उन्होने कहा कि 18 दिन में पता चल जाएगा कि जनता किसके साथ है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के टिकट पर पिछली बार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज होगी।

Author: Himachal Samvaad











