हमीरपुर
कांग्रेस से बागी विधायकों ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से उनके निवास स्थान समीरपुर में मुलाकात की और पैर छूकर आशीर्वाद लिया। सुजानपुर भाजपा प्रत्याशी राजेद्र राणा व इंद्रदत लखनपाल ने करीब एक घंटे तक नेताओं ने चुनावों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री के साथ विचार विमर्श किया। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष देशराज शर्मा व अन्य भाजपा पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

वहीं इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि जहां पर भी कोई कमल के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ेगा उनकी जीत सुनिश्चित करने का कार्य करेंगे। पार्टी के आदेशों पर जीवनभर कार्य किया है। पार्टी के आदेशों पर चुनाव में जो आदेश होंगे वह किया जाएगा। सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र यदि नजदीक हैं तो बड़सर विस क्षेत्र भी दूर नहीं है।
कांग्रेस सरकार भाजपा पर खरीद फरोख्त के आरोपों पर धूमल ने कहा कि दोनों राम भक्त विधायक कांग्रेस में निराश थे।दोनों नेताओं ने कहा कि राम लला की प्राण प्रतिष्ठा का विरोध करने वालों के साथ न रहकर व भाजपा में आए हैं। कांग्रेस सरकार अपनी दस गारंटी पूरी नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक समुद्र है जो भी यहां है उसका स्वागत होगा। पार्टी में आने वाला व्यक्ति संस्कारित होगा यदि नहीं होगा तो उसे संस्कारित कर दिया जाएगा। लोकतंत्र में परिवार बढऩे पर शक्ति बढ़ती है। दोनों नेताओं का स्वागत है।धूमल ने कहा कि एक देश में एक चुनाव होने चाहिए। लोकसभा और विधानसभा चुनाव होने से जीत का अंतर बढ़ेगा।


भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र राणा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से वह आर्शीवाद लेने समीरपुर पहुंचे थे। वह लंबे समय तक उनके साथ रहे हैं, लेकिन कुछ परिस्थितियों के कारण वह अलग हो गए हैं। भाजपा में कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर करने पूरा प्रयास होगा। भाजपा उनकी मूल पार्टी रही है। सुजानपुर विधानसभा में प्रदेशभर में सबसे अधिक भाजपा का कैडर है। इस क्षेत्र को पूर्व मुख्यमंत्री धूमल व पूर्व मंत्री जगदेव चंद ने सींचा है।
बाइट– राजेंद्र राणा (भाजपा प्रत्याशी, सुजानपुर)
वहीं बड़सर से भाजपा प्रत्याशी इंद्रदत लखनपाल ने कहा कि भाजपा के कुनबे को और अधिक मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में निमंत्रण के बावजूद कांग्रेस हाईकमान न जाने फरमान जारी किया उससे आहत थे। 45 वर्ष तक जिस संगठन में काम किया उसे छोडऩे का दुख होता है लेकिन गम के साथ जिंदगी नहीं चलती है। आगे बढ़कर कमल के फूल तरह निखर कर काम करेंगे।
Author: Himachal Samvaad











