सुक्खू का जमीन घोटाला, बस अड्डे में भ्रष्टाचार और रोबोटिक उपकरणों की खरीद में अनियमितताएं- हिमाचल को लूट रही सरकार, मुख्यमंत्री दें जवाब: आशीष शर्मा

हमीरपुर,

जिला भाजपा द्वारा आज प्रदेश सरकार के खिलाफ हमीरपुर में रोष रैली निकालकर गांधी चौक पर धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सदर विधायक आशीष शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनकी सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए जमीन खरीद-फरोख्त, हमीरपुर बस अड्डे के निर्माण, रोबोटिक सर्जरी उपकरणों की खरीद और कथित कमीशनखोरी को लेकर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से इन मामलों में प्रदेश की जनता के सामने जवाब देने की मांग की।

विधायक आशीष शर्मा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के परिवार ने लगभग 750 कनाल जमीन महज 70 हजार रुपये में खरीदी थी, जिसे बाद में मुख्यमंत्री के नाम पर लगभग 10 लाख 60 हजार रुपये में हस्तांतरित किया गया। इसके पश्चात इस जमीन का मूल्यांकन लगभग 73 करोड़ रुपये करवाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस जमीन को 1,378 रुपये प्रति कनाल के हिसाब से खरीदा गया था, उसी जमीन की वैल्यूएशन करोड़ों रुपये में करवाकर उसमें से 2 कनाल जमीन लगभग 9 लाख 73 हजार रुपये प्रति कनाल के हिसाब से सरकारी विभाग को बेच दी गई।

आशीष शर्मा ने सवाल उठाया कि आखिर कुछ ही महीनों में जमीन की कीमत में इतनी भारी वृद्धि कैसे हो गई? मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता को बताएं कि जमीन का मूल्यांकन किस आधार पर करवाया गया, सरकारी विभाग को जमीन बेचने की प्रक्रिया क्या थी और इस पूरे मामले में कौन-कौन जिम्मेदार है। सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति के परिवार से जुड़े ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद आवश्यक है।

हमीरपुर बस अड्डे के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार पर सवाल उठाते हुए विधायक ने कहा कि बस अड्डा अब बस अड्डा नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि बस अड्डे के निर्माण का टेंडर लगभग 42 करोड़ रुपये का लगाया गया था, जिसे करीब 37 करोड़ रुपये में आवंटित किया गया। इसके बावजूद ठेकेदार को अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।

आशीष शर्मा ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि जब टेंडर की राशि 37 करोड़ रुपये थी, तो भुगतान 100 करोड़ रुपये से अधिक कैसे पहुंच गया? आखिर इस भारी-भरकम अंतर का आधार क्या है और कथित भ्रष्टाचार का यह पैसा किसके खाते में जा रहा है?

विधायक आशीष शर्मा ने रोबोटिक सर्जरी उपकरणों की खरीद में भी कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने इन उपकरणों को निर्धारित मूल्यों से अधिक कीमत पर खरीदा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस खरीद में प्रति रोबोट 10 से 12 करोड़ रुपये तक का कमीशन खाया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि इन उपकरणों की खरीद में निर्धारित दरों से अधिक भुगतान क्यों किया गया और इन गंभीर आरोपों की जांच कब होगी।

कांग्रेस के एक नेता के पूर्व में दिए गए सूटकेस संबंधी बयानों पर तंज कसते हुए आशीष शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के एक नेता पहले पांच सूटकेस आने की बात करते थे, जिनमें से तीन दिल्ली और दो शिमला जाने की चर्चा होती थी। लेकिन प्रदेश में आज जिस तरह के भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे हैं, उससे लगता है कि सूटकेसों की संख्या हर महीने 50 हो गई है, जिनमें से 40 दिल्ली और 10 शिमला पहुंच रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के आरोपों ने जनता के मन में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जमीन की खरीद-फरोख्त से लेकर बस अड्डे के निर्माण और रोबोटिक उपकरणों की खरीद तक, सरकार को हर मामले में जवाब देना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के दलदल में धंस चुकी है और जनता के हितों के बजाय सत्ता में बैठे लोगों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।

विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले प्रदेश की जनता से अनेक वायदे किए थे, लेकिन आज जनता महंगाई, आर्थिक संकट और सरकार की कथित भ्रष्ट कार्यप्रणाली से परेशान है। उन्होंने कहा कि जमीन की खरीद-फरोख्त, बस अड्डे के निर्माण और रोबोटिक उपकरणों की खरीद से जुड़े सवालों को अनदेखा करके सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। प्रदेश की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि सरकारी धन कहां, किस आधार पर और किन परिस्थितियों में खर्च किया जा रहा है।

इस दौरान रोष रैली और धरना-प्रदर्शन में विधायक आशीष शर्मा, भोरंज की पूर्व विधायक कमलेश कुमारी सहित जिला भाजपा एवं हमीरपुर मंडल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बड़सर में सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर के साक्षात्कार 24 को हमीरपुर 17 अक्तूबर। एसआईएस इंडिया लिमिटेड आरटीए, हमीरपुर द्वारा सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर के 70 पदों पर भर्ती के लिए 24 अक्तूबर को सुबह 10 बजे से दोपहर बाद 2 बजे तक उप रोजगार कार्यालय बड़सर में साक्षात्कार लिए जाएंगे। जिला रोजगार अधिकारी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि इन पदों के लिए 19 वर्ष से 40 वर्ष तक के पुरुष उम्मीदवार भर्ती किए जाएंगे। दसवीं फेल या दसवीं पास अथवा इससे अधिक शैक्षणिक योग्यता वाले उम्मीदवार, जिनकी लंबाई कम से कम 168 सेंटीमीटर और वजन 56 से 95 किलोग्राम के बीच हो, इन पदों के लिए पात्र हैं। चयनित उम्मीदवारों को मौके पर ही ऑफर लैटर प्रदान किए जाएंगे तथा प्रतिदिन 8 से 12 घंटे तक ड्यूटी करने पर उन्हें 18,500 रुपये से लेकर 24 हजार रुपये तक मासिक वेतन दिया जाएगा। इन्हें हिमाचल प्रदेश या चंडीगढ़ में नियुक्त किया जाएगा। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि अगर कोई युवा उपरोक्त योग्यता रखता है और उसका नाम किसी भी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत है तो वह अपने मूल प्रमाण पत्रों तथा हिमाचली प्रमाण पत्र के साथ साक्षात्कार में भाग ले सकता है। भर्ती के संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय के दूरभाष नंबर 01972-222318 पर भी संपर्क किया जा सकता है।