सीएमओ कार्यालय में रोड सेफ्टी पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

हमीरपुर, 3 सितंबर 2026।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय हमीरपुर के कॉन्फ्रेंस हॉल में आज रोड
सेफ्टी एवं आपदा प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश कुमार फोतेदार
ने की। कार्यशाला में चिकित्सा अधिकारियों, फार्मेसी अधिकारियों तथा
स्टाफ नर्सों ने भाग लिया। इस अवसर पर एमओएच डॉ. अजय अत्री, डीपीओ डॉ.
नेहा पाटियाल तथा एमईआईओ सुनील कुमार भी उपस्थित रहे।
कार्यशाला के दौरान सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तत्काल
प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के साथ-साथ
आपदा की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियों के बारे में विस्तार
से जानकारी दी गई। इस अवसर पर डॉ. आदित्य कांत शर्मा, एमओ सर्जरी, डॉ.
राकेश कुमार, एमओ ऑर्थोपेडिक्स तथा एनआईसी से विशेष रूप से प्रशिक्षण
देने पहुंचे डॉ. अरविंद ठाकुर ने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण
प्रदान किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश कुमार फोतेदार ने कहा कि किसी भी प्रकार
की आपदा या दुर्घटना से निपटने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों को पहले से
पूरी तैयारी रखनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि ब्लॉक स्तर पर एक
निर्धारित अलमारी में आपदा प्रबंधन से संबंधित आवश्यक दवाइयां, उपकरण एवं
अन्य सामग्री तैयार रखी जाए, ताकि आपात स्थिति में बिना किसी देरी के
उनका उपयोग किया जा सके और बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल कोई भी पात्र
व्यक्ति अस्पताल में भर्ती होने पर दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात
दिनों की अवधि तक ₹1.50 लाख तक का कैशलेस (निःशुल्क) उपचार प्राप्त कर
सकता है।
एमओएच डॉ. अजय अत्री ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में स्थानीय स्तर
पर भी प्रभावी प्रबंधन एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए,
ताकि जरूरत के समय उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग करते हुए लोगों को
तत्काल सहायता प्रदान की जा सके।
सीएमओ ने यह भी निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के उपरांत पीएचसी स्तर पर बैठक
आयोजित कर कर्मचारियों को आपदा एवं सड़क दुर्घटना की स्थिति में उनकी
जिम्मेदारियों के बारे में अवगत करवाया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति
में स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।
कार्यशाला में सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को समय पर अस्पताल पहुंचाने के
महत्व पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि
सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने और उसे अस्पताल पहुंचाने
वाले नेक सामरीटन (Good Samaritan) को कानून के तहत संरक्षण प्राप्त है
तथा उसे अनावश्यक कानूनी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।
इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों को सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के उपचार
एवं उपलब्ध सरकारी सहायता के बारे में भी जानकारी दी गई। दुर्घटना के
बाद घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाना और उसे आवश्यक चिकित्सा
सुविधा उपलब्ध करवाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यशाला के अंत में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी प्रतिभागियों से
आह्वान किया कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी को अपने-अपने
स्वास्थ्य संस्थानों के कर्मचारियों तक पहुंचाएं तथा सड़क दुर्घटना और
किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहें।

बड़सर में सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर के साक्षात्कार 24 को हमीरपुर 17 अक्तूबर। एसआईएस इंडिया लिमिटेड आरटीए, हमीरपुर द्वारा सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर के 70 पदों पर भर्ती के लिए 24 अक्तूबर को सुबह 10 बजे से दोपहर बाद 2 बजे तक उप रोजगार कार्यालय बड़सर में साक्षात्कार लिए जाएंगे। जिला रोजगार अधिकारी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि इन पदों के लिए 19 वर्ष से 40 वर्ष तक के पुरुष उम्मीदवार भर्ती किए जाएंगे। दसवीं फेल या दसवीं पास अथवा इससे अधिक शैक्षणिक योग्यता वाले उम्मीदवार, जिनकी लंबाई कम से कम 168 सेंटीमीटर और वजन 56 से 95 किलोग्राम के बीच हो, इन पदों के लिए पात्र हैं। चयनित उम्मीदवारों को मौके पर ही ऑफर लैटर प्रदान किए जाएंगे तथा प्रतिदिन 8 से 12 घंटे तक ड्यूटी करने पर उन्हें 18,500 रुपये से लेकर 24 हजार रुपये तक मासिक वेतन दिया जाएगा। इन्हें हिमाचल प्रदेश या चंडीगढ़ में नियुक्त किया जाएगा। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि अगर कोई युवा उपरोक्त योग्यता रखता है और उसका नाम किसी भी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत है तो वह अपने मूल प्रमाण पत्रों तथा हिमाचली प्रमाण पत्र के साथ साक्षात्कार में भाग ले सकता है। भर्ती के संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय के दूरभाष नंबर 01972-222318 पर भी संपर्क किया जा सकता है।