हमीरपुर 19 सितंबर।
राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय हमीरपुर (बड़ू) के परिसर में ‘एमर्जिंग टैक्नोलॉजी फॉर एजूकेटर्स’ विषय पर आयोजित पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) शनिवार को समाप्त हो गया। ई एंड आईसीटी अकादमी के माध्यम से सी-डैक मोहाली द्वारा प्रायोजित तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न बहुतकनीकी संस्थानों और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों सहित अन्य प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के 36 शिक्षकों ने भाग लिया।
समापन सत्र में डेवलपमेंट लॉजिक्स प्राइवेट लिमिटेड, धर्मशाला के सीईओ वरुण रत्तन सिंह ने प्रतिभागियों को वर्तमान समय में उभरती प्रौद्योगिकियों की बढ़ती भूमिका तथा शिक्षा एवं उद्योग में इनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने तेजी से बदलते तकनीकी परिवेश में शिक्षकों को नवीन तकनीकों से निरंतर जुड़ने तथा विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी एवं औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए प्रेरित किया।
बहुतकनीकी महाविद्यालय हमीरपुर के प्रधानाचार्य चंद्रशेखर ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर सभी प्रतिभागियों, विशेषज्ञों एवं आयोजन टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को नवीनतम तकनीकों से परिचित कराने के साथ-साथ शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक एवं तकनीक-सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पांच दिवसीय कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, एम्बेडेड सिस्टम, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग तथा अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों से संबंधित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक एवं संवादात्मक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को इन तकनीकों के वास्तविक एवं शैक्षणिक उपयोग से भी परिचित करवाया गया।
कार्यक्रम के समन्वयक एवं बहुतकनीकी महाविद्यालय के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष पंकज ठाकुर तथा सह-समन्वयक वरुण गुप्ता ने एफडीपी के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी विशेषज्ञों, प्रतिभागियों, संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन एवं सफल संचालन में मिले सहयोग के लिए सी-डैक मोहाली के ई-ग्रेड वैज्ञानिक डॉ. बलविंदर सिंह और तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक रोहित राठौर का भी विशेष आभार व्यक्त किया। प्रतिभागियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए एफडीपी को उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को अपनी शिक्षण पद्धति को अपडेट एवं अपग्रेड करने तथा विद्यार्थियों को नवीन एवं उभरती तकनीकों से जोड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
Author: Himachal Samvaad












