सुजानपुर,
राजपूत महासभा और राजपूत कल्याण सभा ने वर्तमान मे हो रही जन गणना के राष्ट्रीय स्तर पर बनाये सॉफ्टवेयर पर गंभीर सवाल उठाते हुए मांग की है कि सरकार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जन जाति के अलावा सभी जातियों और श्रेणीयों की गणना अन्य के रूप मे कर रही है | sc, st की गणना जाति और श्रेणी विशेष के रूप मे करके देश भर मे ओबीसी और सामान्य वर्ग की जातियों की गणना अलग अलग न करके सरकार क्या संदेश देना चाहती है | अनुसूचित जाति जन जाति का खान्ना यदि अलग से हो सकता है तो सरकार सॉफ्टवेयर मे अन्य की जगह सभी जाति वर्गो की अलग अलग गणना करती या ओबीसी और सामान्य वर्ग के रूप मे भी गणना की जा सकती थी, सामान्य वर्ग को इस रतरह नजरअंदाज करके सरकार की मंशा पर सवाल उठना लाजिमी है राजपूत महासभा और कल्याण सभा किसी भी हालत मे अपने समाज के अस्तित्व को नजरअंदाज करने का विरोध करती है | गणना का पैमाना जाति आधारित न होकर सभी जाति वर्गोन के लिए एक होना चाहिए था जन गणना का मकसद यदि जातियों के आधार पर गणना नहीं है तो कुछ जातियों के प्रति तुस्टीकरण किसी भी हालत मे स्वीकार्य नहीं है |
साथ ही सभा के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार से भी मांग की कि जबकि प्रदेश मे सभी जाति वर्गो के लिए आयोग गठित किये जा चुके हैं तो सामान्य वर्ग को नजरअंदाज करके आयोग का गठन न करना भी सामान्य वर्ग के साथ संवैधानिक भेदभाव ही माना जा सकता है | इन मामलों मे सभा द्वारा सभी विधानसभा और लोकसभा के नुमाइंदो से उचित मंच पर सामान्य वर्ग और राजपूत सभा का पक्ष रखने की मांग भी की गई |पत्रकार वार्ता मे प्रदेश सरकार से शीघ्र सामान्य वर्ग आयोग गठित करने की मांग की गई
वार्ता मे राजपूत महासभा के जिला महासचिव और राजपूत कल्याण सभा के अध्यक्ष जोगिंदर ठाकुर के आलावा कल्याण सभा के महासचिव अजय रानोथ, जोल पंचायत के सभा के अध्यक्ष यू एस चौहान, रिटायर्ड डीएसपी ओम प्रकाश चौहान,पूर्व प्रधान किशोर चंद,सदस्य महिंन्द्र ठाकुर, सूबेदार विजय सड़याल, रणबीर ठाकुर उपस्थित रहे |
Author: Himachal Samvaad












