हमीरपुर,
भारतीय जनता पार्टी जिला हमीरपुर अध्यक्ष एवं समीरपुर पंचायत के दो बार के पूर्व प्रधान राकेश ठाकुर ने आज जिला कार्यसमिति की बैठक की समाप्ति के बाद भोरंज के विधायक सुरेश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विधायक को समीरपुर पंचायत में आकर बड़ी-बड़ी डींगें हांकने और विकास की खोखली घोषणाएं करने से पहले जनता को यह बताना चाहिए कि कांग्रेस सरकार ने समीरपुर से जल शक्ति विभाग का सब-डिवीजन हटाकर दूसरी जगह स्थानांतरित करने का निर्णय क्यों लिया।
राकेश ठाकुर ने कहा कि समीरपुर में पहले से उपलब्ध प्रशासनिक एवं विभागीय सुविधाओं को कमजोर करने का काम कांग्रेस सरकार ने किया है। ऐसे में अब विधायक सुरेश कुमार किस मुंह से समीरपुर में आकर विकास करवाने की बातें कर रहे हैं। यदि कांग्रेस सरकार वास्तव में क्षेत्र के विकास को लेकर गंभीर होती तो वह समीरपुर में उपलब्ध विभागीय ढांचे को समाप्त अथवा स्थानांतरित करने के बजाय उसे और मजबूत करती।

उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग का सब-डिवीजन किसी क्षेत्र की केवल एक सरकारी इकाई नहीं होता, बल्कि इससे आम जनता को पेयजल, सिंचाई, योजनाओं की निगरानी और विभागीय कार्यों के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलती है। समीरपुर से इस विभागीय कार्यालय की शिफ्टिंग से क्षेत्र की जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विधायक को पहले यह बताना चाहिए कि इस निर्णय से समीरपुर और आसपास की जनता को क्या लाभ हुआ।
राकेश ठाकुर ने कहा कि जनता को अब घोषणाओं और भाषणों से नहीं, बल्कि ठोस जवाब और जमीन पर काम चाहिए। कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद जिन सुविधाओं को मजबूत करने का दावा किया था, उनमें से कई को कमजोर करने का काम किया गया है। उन्होंने विधायक से सवाल किया कि यदि समीरपुर का विकास उनकी प्राथमिकता है तो फिर कांग्रेस सरकार ने यहां से जल शक्ति विभाग का सब-डिवीजन क्यों हटाया? क्या इस फैसले में विधायक की सहमति थी और यदि नहीं थी तो उन्होंने इसका विरोध कब और किस मंच पर किया?
उन्होंने कहा कि समीरपुर की जनता सब देख और समझ रही है। एक तरफ कांग्रेस सरकार स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण विभागीय सुविधाओं को स्थानांतरित करती है और दूसरी तरफ उसके विधायक उसी क्षेत्र में जाकर विकास के बड़े-बड़े दावे करते हैं। यह दोहरा रवैया जनता के सामने अब नहीं चलने वाला। विधायक को पहले अपने सरकार के फैसलों का हिसाब देना चाहिए और उसके बाद विकास की बातें करनी चाहिए।
Author: Himachal Samvaad











