शिमला,
हिमाचल प्रदेश में आम आदमी पार्टी द्वारा चलाए जा रहे ‘सरकारी स्कूल विजिट कैंपेन’ के तहत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया गया।इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश की बदहाल सरकारी शिक्षा व्यवस्था की असली तस्वीर जनता के सामने लाना है। इस निरीक्षण के दौरान प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत सामने आई, जो बेहद चौंकाने वाली और चिंताजनक है।
कई स्कूलों में विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं जैसे कि टॉयलेट, पीने का साफ पानी, उचित फर्नीचर, बिजली और सुरक्षा व्यवस्था तक उपलब्ध नहीं है। कई विद्यालयों की इमारतें जर्जर हालत में हैं — दीवारों में दरारें, छतों से टपकता पानी और बारिश के मौसम में कक्षाओं में भरता कीचड़ बच्चों की पढ़ाई में बाधा बन रहा है।

कुछ स्कूलों में तो एक ही अध्यापक पूरे स्कूल को संभालने को मजबूर है, जबकि विद्यार्थियों की संख्या कहीं अधिक है। शौचालयों की हालत इतनी खराब है कि छात्र-छात्राएं उनका उपयोग नहीं कर पाते और कई बार अस्वस्थता का शिकार हो जाते हैं।
अनेक विद्यालय ऐसे भी पाए गए जहाँ खेल सामग्री, लाइब्रेरी या कम्प्यूटर जैसी आवश्यक शिक्षण सुविधाएं तक नहीं हैं। गर्मियों में पंखों की व्यवस्था नहीं और सर्दियों में ठंड से बचाव का कोई साधन नहीं — यह प्रदेश के बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है।
आम आदमी पार्टी ने इस मौके पर कहा कि
“हिमाचल प्रदेश की वर्तमान सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सिर्फ कागज़ी योजनाएं बना रही है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। अगर बच्चों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और प्रेरणादायक वातावरण नहीं मिलेगा, तो हम आने वाली पीढ़ियों का भविष्य कैसे संवारेंगे?
आम आदमी पार्टी मांग करती है कि सभी सरकारी स्कूलों का तुरंत बुनियादी ढांचे का निरीक्षण कर मरम्मत व सुधार कार्य करवाया जाए। प्रत्येक स्कूल में शिक्षकों की पर्याप्त नियुक्ति की जाए। बच्चों को सभी आवश्यक सुविधाएं जैसे कि पुस्तकें, युनिफॉर्म, पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय, खेल सामग्री, डिजिटल शिक्षा साधन आदि शीघ्र उपलब्ध कराए जाएं। बरसात व बर्फबारी जैसे मौसम में स्कूलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
आम आदमी पार्टी यह विश्वास दिलाती है कि वह हिमाचल के हर बच्चे के लिए गुणवत्तापूर्ण और सम्मानजनक शिक्षा का हक सुनिश्चित कराने के लिए संघर्षरत रहेगी। यह सिर्फ शिक्षा की नहीं, बल्कि हिमाचल के भविष्य की लड़ाई है।
आम आदमी पार्टी ने कहा कि यह सिर्फ शिक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि हिमाचल की आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करने की लड़ाई है। आम आदमी पार्टी वादा करती है कि हम हर बच्चे को सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करते रहेंगे।”
आम आदमी पार्टी जनता से अपील करती है कि वे इस अभियान में सहभागी बनकर सरकारी शिक्षा के हक में आवाज़ बुलंद करें। यह समय चुप बैठने का नहीं, बल्कि बच्चों के हक में खड़े होने का है।
Author: Himachal Samvaad











