हमीरपुर/नई दिल्ली, 4 सितंबर 2026:
हिमाचल प्रदेश को देश के प्रमुख फार्मास्युटिकल हब के रूप में और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान NIPER स्थापित करने अथवा NIPER मोहाली का एक्सटेंशन सेंटर खोलने के प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाया है।
केंद्र सरकार के केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित बायोफार्मा SHAKTI पहल के तहत इस प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश में इस प्रकार की उच्चस्तरीय शैक्षणिक एवं अनुसंधान सुविधा स्थापित होने से उद्योग और अकादमिक जगत के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा उन्नत अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को नई गति मिलेगी।

हिमाचल प्रदेश पहले से ही एक मजबूत फार्मास्युटिकल औद्योगिक आधार रखता है। राज्य में वर्तमान में 650 से अधिक फॉर्मूलेशन इकाइयां कार्यरत हैं, जिनका वार्षिक कारोबार लगभग 40,000 करोड़ रुपये है। ऐसे में राज्य में समर्पित फार्मास्युटिकल शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की स्थापना से उद्योग और अकादमिक क्षेत्र के बीच मजबूत तालमेल विकसित होगा।
यह पहल ऊना में स्थापित किए जा रहे बल्क ड्रग पार्क की संभावनाओं को भी अधिकतम करने में सहायक होगी। भारत सरकार की बल्क ड्रग पार्क योजना के तहत विकसित हो रहा यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट लगभग 15,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने और करीब 20,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की क्षमता रखता है। इससे देश की स्वास्थ्य एवं दवा आपूर्ति श्रृंखला में हिमाचल प्रदेश की भूमिका और अधिक मजबूत होगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने अनुराग सिंह ठाकुर को आश्वस्त किया है कि बायोफार्मा SHAKTI मिशन के क्रियान्वयन की रूपरेखा को अंतिम रूप देते समय फार्मास्युटिकल विभाग संबंधित हितधारकों के साथ विचार-विमर्श कर इस प्रस्ताव का समुचित परीक्षण करेगा।
अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जगत प्रकाश नड्डा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में NIPER की समर्पित सुविधा स्थापित होने से राज्य की फार्मास्युटिकल और बायोफार्मा क्षमता को नई मजबूती मिलेगी। इससे युवाओं को विशेष प्रशिक्षण और उच्चस्तरीय कौशल विकास के अवसर प्राप्त होंगे तथा अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में हिमाचल की भागीदारी बढ़ेगी।
Author: Himachal Samvaad











